Author: admin

●●सेवा●● 0

●●सेवा●●

●● सेवा सभी की करना मगर आशा किसी से भी ना रखना क्योंकि सेवा का वास्तविक मूल्य भगवान् ही दे सकते हैं इंसान नहीं। जगत से अपेक्षा रखकर कोई सेवा की गई है तो...

!!माता के 52 शक्ति पीठ!! 0

!!माता के 52 शक्ति पीठ!!

देवी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में छब्बीस, शिवचरित्र में इक्यावन, दुर्गा शप्तसती और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। तंत्रचूड़ामणि में लगभग...

ऐ सुख तू कहाँ मिलता है 0

ऐ सुख तू कहाँ मिलता है

ऐ सुख तू कहाँ मिलता है क्या तेरा कोई स्थायी पता है क्यों बन बैठा है अन्जाना आखिर क्या है तेरा ठिकाना। कहाँ कहाँ ढूंढा तुझको पर तू न कहीं मिला मुझको ढूंढा ऊँचे...

!!सर्वश्रेष्ठ होने का अहंकार !! 0

!!सर्वश्रेष्ठ होने का अहंकार !!

बहुत सी तीरंदाजी प्रतियोगिताएँ जीतने के बाद एक नौजवान तीरंदाज खुद को सबसे बड़ा धनुर्धर मानने लगा । वह जहाँ भी जाता लोगों को उससे मुकाबला करने की चुनौती देता, और उन्हें हरा कर...

●● माँ ” दुर्गा ” शब्द का अर्थ व स्वरूप ●● 0

●● माँ ” दुर्गा ” शब्द का अर्थ व स्वरूप ●●

दुर्गा शब्द का अर्थ है दुर्ग+आ। ‘दुर्ग’ शब्द दैत्य, महाविघ्न, भवबन्धन, कर्म, शोक, दु:ख, नरक, यमदण्ड, जन्म, महान भय तथा अत्यन्त रोग के अर्थ में आता है तथा ‘आ’ शब्द ‘हन्ता’ का वाचक है।...

भक्त और भगवान् 0

भक्त और भगवान्

“रोनाल्ड निक्सन जो कि एक अंग्रेज थे कृष्ण प्रेरणा से ब्रज में आकर बस गये उनका कन्हैया से इतना प्रगाढ़ प्रेम था कि वे कन्हैया को अपना छोटा भाई मानने लगे थे एक दिन...

खूबसूरती :: 0

खूबसूरती ::

हर किसी को अपनी खूबसूरती पर नाज होता है | मै आज आपको खूबसूरती की असली परिभाषा बतात हूँ खूबसूरत है वो लब…… जिन पर, दूसरों के लिए कोई दुआ आ जाए !! खूबसूरत...

स्वयं विचार कीजिये :- 0

स्वयं विचार कीजिये :-

१- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी मौन होना सब से बेहतर है। २- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी सफेद रंग सब से बेहतर है। ३- खाने के लिए दुनिया भर...

!! धन्यवाद्.!! 0

!! धन्यवाद्.!!

उन लोगो का जो मुझसे नफरत करते है क्यों की उन्होंने मुझे मजबुत बनाया…..!!… धन्यवाद् उन लोगो का जो मुझसे प्यार करते है क्यों की उन्होंने मेरा दिल बड़ा कर दिया……!! धन्यवाद् उन लोगो...