Harish Kumar

"सैर कर दुनिया की गाफिल, जिंदगानी फिर कहाँ? जिंदगी गर कुछ रही तो नौजवानी फिर कहाँ"

स्वयं विचार कीजिये :-

  • स्वयं विचार कीजिये :-

    १- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी मौन होना सब से बेहतर है। २- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी सफेद रंग सब से बेहतर है। ३- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है। ४- पर्यटन के लिए रमणीक स्थल होते हुए भी…

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  • !! धन्यवाद्.!!

    उन लोगो का जो मुझसे नफरत करते है क्यों की उन्होंने मुझे मजबुत बनाया…..!!… धन्यवाद् उन लोगो का जो मुझसे प्यार करते है क्यों की उन्होंने मेरा दिल बड़ा कर दिया……!! धन्यवाद् उन लोगो का जो मेरे लिए परेशान हुए….. और मुझे बताया की दरअसल वो मेरा बहुत ख्याल रखते है…!! धन्यवाद् उन लोगो का…

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  • ॐ के 11 शारीरिक लाभ :-

    ॐ, ओउम् तीन अक्षरों से बना है :- अ उ म् । \”अ\” का अर्थ है उत्पन्न होना, \”उ\” का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास, \”म\” का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् \”ब्रह्मलीन\” हो जाना ।। ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है । ॐ का उच्चारण शारीरिक लाभ…

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  • परिवार

    परिवार का दूसरा अंग उस के बच्चे हैं। बच्चों के प्रति प्रेम करना कर्तव्य है क्योंकि उन्हें र्इश्वर ने आप के पास भेजा है मानवता की प्रगति के लिये। परन्तु यह प्रेम सत्य पर आधारित तथा गम्भीर होना चाहिये। केवल अन्धा प्रेम किसी काम का नहीं है। यह मत भूलो कि बच्चों के रूप में…

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  • परिवार के प्रति कर्तव्य

    परिवार हृदय का देश है। प्रत्येक परिवार में देवदूत होता है जो अपनी कृपा से, अपनी मिठास से, अपने प्रेम से परिवार के प्रति कर्तव्य को निभाने में थकावट को नहीं आने देता तथा दुखों को बाँटने में सहायक होता है। बिना किसी उदासी के यदि शुद्ध प्रसन्नता का अनुभव होता है तो वह इस…

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  • !!हम गुस्से मे चिल्लाते क्यों हैं !!

    एक बार एक संत अपने शिष्यों के साथ बैठे थे। अचानक उन्होंने सभी शिष्यों से एक सवाल पूछा। बताओ जब दो लोग एक दूसरे पर गुस्सा करते हैं तो जोर- जोर से चिल्लाते क्यों हैं? शिष्यों ने कुछ देर सोचा और एक ने उत्तर दिया : हम अपनी शांति खो चुके होते हैं इसलिए चिल्लाने…

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  • कर्म और इच्छा का संबंध

    मनुष्य दुखी है। इच्छाएं अनंत हैं। वह इनकी पूर्ति के लिए कर्म करता है। कर्म उसे बांधते हैं। बंधन ही दुख है। मुक्ति है आनंद। मनुष्य सोचता है , मैंने यह किया। मुझे यह मिला। मैंने जितना किया , उतना नहीं मिला। उसने कम किया , उसे ज्यादा मिला। असल में किए गए काम के…

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  • What is GOD?

    ૐ प्रकृति परमात्मा का प्रगट रूप है… परमात्मा है आत्मा तो प्रकृति है शरीर … परमात्मा है प्रेमी तो प्रकृति है प्रेयसी … परमात्मा है गायक तो प्रकृति है गीत … परमात्मा है वादक तो प्रकृति है उसका वादन … और परमात्मा है नर्तक तो प्रकृति उसका निरत्य … जिसने प्रकृति को न पहिचाना, उसे…

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  • What Is Hindu Dharma (or Hinduism)?

    Om or AUM — The Symbol of the Supreme Sound Hinduism is a modern term, but it represents the ancient most living thought and culture of the world. The concept of \’Hindu-ism\’ (categorically termed \’Hinduism\’ in the narrow sense \’religion\’) being a single monolithic religion is recent, dating back only to the 19th century. Many scholars liken…

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  • What is Hindunism

    Hinduism is one of the oldest known organized religions—its sacred writings date as far back as 1400 to 1500 B.C. It is also one of the most divers and complex, having millions of gods. Hindus have a wide variety of core beliefs and exist in many different sects. Although it is the third largest religion…

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