Harish Kumar

"सैर कर दुनिया की गाफिल, जिंदगानी फिर कहाँ? जिंदगी गर कुछ रही तो नौजवानी फिर कहाँ"

Whose fault? Guru or a disciple?

  • Whose fault? Guru or a disciple?

    Questioner: Now the master is lying behind the money. Gurudeva: They are such people, are not they? The wood is screwed, so this saw is also screwed. This wood is not straightforward! People go crooked, so the gurus meet. What is the curvature of people? \’Son should have a son at my son\’s house.\’ People…

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  • :: गुरु और ज्ञानीपुरुष में फर्क ::

    Gurudeva : ज्ञानीपुरुष और गुरु में तो बहुत फर्क है। गुरु हमेशा संसार के लिए ही बनाए जाते हैं। मुक्ति के लिए तो, ज्ञानीपुरुष के बिना मुक्ति ही नहीं है। गुरु तो हमें संसार में आगे ले जाते हैं और खुद जैसे हैं वैसे हमें बना देते हैं। उससे आगे का नहीं दे सकते और…

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  • At what level is man today compared to animals?

    The person who dies, the people immediately flutter after carrying the crematorium. Then come back and bathe well. But see the irony, after a short while, after bathing (of the dead animal), take the dead and bring it to the house. Cook plenty of salt, pepper and ghee to cook it.Taste it and then enjoy…

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  • ●●सेवा●●

    ●● सेवा सभी की करना मगर आशा किसी से भी ना रखना क्योंकि सेवा का वास्तविक मूल्य भगवान् ही दे सकते हैं इंसान नहीं। जगत से अपेक्षा रखकर कोई सेवा की गई है तो वो एक ना एक दिन निराशा का कारण जरूर बनेगी। इसलिए अच्छा यही है अपेक्षा रहित होकर सेवा की जाए। ●●…

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  • !!माता के 52 शक्ति पीठ!!

    देवी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में छब्बीस, शिवचरित्र में इक्यावन, दुर्गा शप्तसती और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। तंत्रचूड़ामणि में लगभग 52 शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है। प्रस्तुत है तंत्रचूड़ामणि की तालिका। 1.हिंगलाज हिंगुला या हिंगलाज शक्तिपीठ जो कराची…

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  • ऐ सुख तू कहाँ मिलता है

    ऐ सुख तू कहाँ मिलता है क्या तेरा कोई स्थायी पता है क्यों बन बैठा है अन्जाना आखिर क्या है तेरा ठिकाना। कहाँ कहाँ ढूंढा तुझको पर तू न कहीं मिला मुझको ढूंढा ऊँचे मकानों में बड़ी बड़ी दुकानों में स्वादिस्ट पकवानों में चोटी के धनवानों में वो भी तुझको ढूंढ रहे थे बल्कि मुझको…

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  • !!सर्वश्रेष्ठ होने का अहंकार !!

    बहुत सी तीरंदाजी प्रतियोगिताएँ जीतने के बाद एक नौजवान तीरंदाज खुद को सबसे बड़ा धनुर्धर मानने लगा । वह जहाँ भी जाता लोगों को उससे मुकाबला करने की चुनौती देता, और उन्हें हरा कर उनका मज़ाक उड़ाता । एक बार उसने एक Zen Katha in Hindiप्रसिद्द ज़ेन मास्टर को चुनौती देने का फैसला किया और…

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  • ●● माँ \” दुर्गा \” शब्द का अर्थ व स्वरूप ●●

    दुर्गा शब्द का अर्थ है दुर्ग+आ। ‘दुर्ग’ शब्द दैत्य, महाविघ्न, भवबन्धन, कर्म, शोक, दु:ख, नरक, यमदण्ड, जन्म, महान भय तथा अत्यन्त रोग के अर्थ में आता है तथा ‘आ’ शब्द ‘हन्ता’ का वाचक है। जो देवी समस्त दैत्यों और उनके भक्तों के जीवन में आने वाले विघ्नों का हरण करती हैं उन्हें ‘दुर्गा’ कहा गया…

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  • भक्त और भगवान्

    \”रोनाल्ड निक्सन जो कि एक अंग्रेज थे कृष्ण प्रेरणा से ब्रज में आकर बस गये उनका कन्हैया से इतना प्रगाढ़ प्रेम था कि वे कन्हैया को अपना छोटा भाई मानने लगे थे एक दिन उन्होंने हलुवा बनाकर ठाकुर जी को भोग लगाया पर्दा हटाकर देखा तो हलुवे में छोटी छोटी उँगलियों के निशान थे जिसे…

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  • खूबसूरती ::

    हर किसी को अपनी खूबसूरती पर नाज होता है | मै आज आपको खूबसूरती की असली परिभाषा बतात हूँ खूबसूरत है वो लब…… जिन पर, दूसरों के लिए कोई दुआ आ जाए !! खूबसूरत है …………वो दिल, जो किसी के दुख मे शामिल हो जाए !! खूबसूरत है………. वो जज्बात, जो दूसरो की भावनाओं को…

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