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!!माता के 52 शक्ति पीठ!!
देवी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में छब्बीस, शिवचरित्र में इक्यावन, दुर्गा शप्तसती और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। तंत्रचूड़ामणि में लगभग 52 शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है। प्रस्तुत है तंत्रचूड़ामणि की तालिका। 1.हिंगलाज हिंगुला या हिंगलाज शक्तिपीठ जो कराची…
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ऐ सुख तू कहाँ मिलता है
ऐ सुख तू कहाँ मिलता है क्या तेरा कोई स्थायी पता है क्यों बन बैठा है अन्जाना आखिर क्या है तेरा ठिकाना। कहाँ कहाँ ढूंढा तुझको पर तू न कहीं मिला मुझको ढूंढा ऊँचे मकानों में बड़ी बड़ी दुकानों में स्वादिस्ट पकवानों में चोटी के धनवानों में वो भी तुझको ढूंढ रहे थे बल्कि मुझको…
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!!सर्वश्रेष्ठ होने का अहंकार !!
बहुत सी तीरंदाजी प्रतियोगिताएँ जीतने के बाद एक नौजवान तीरंदाज खुद को सबसे बड़ा धनुर्धर मानने लगा । वह जहाँ भी जाता लोगों को उससे मुकाबला करने की चुनौती देता, और उन्हें हरा कर उनका मज़ाक उड़ाता । एक बार उसने एक Zen Katha in Hindiप्रसिद्द ज़ेन मास्टर को चुनौती देने का फैसला किया और…
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●● माँ \” दुर्गा \” शब्द का अर्थ व स्वरूप ●●
दुर्गा शब्द का अर्थ है दुर्ग+आ। ‘दुर्ग’ शब्द दैत्य, महाविघ्न, भवबन्धन, कर्म, शोक, दु:ख, नरक, यमदण्ड, जन्म, महान भय तथा अत्यन्त रोग के अर्थ में आता है तथा ‘आ’ शब्द ‘हन्ता’ का वाचक है। जो देवी समस्त दैत्यों और उनके भक्तों के जीवन में आने वाले विघ्नों का हरण करती हैं उन्हें ‘दुर्गा’ कहा गया…
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भक्त और भगवान्
\”रोनाल्ड निक्सन जो कि एक अंग्रेज थे कृष्ण प्रेरणा से ब्रज में आकर बस गये उनका कन्हैया से इतना प्रगाढ़ प्रेम था कि वे कन्हैया को अपना छोटा भाई मानने लगे थे एक दिन उन्होंने हलुवा बनाकर ठाकुर जी को भोग लगाया पर्दा हटाकर देखा तो हलुवे में छोटी छोटी उँगलियों के निशान थे जिसे…
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खूबसूरती ::
हर किसी को अपनी खूबसूरती पर नाज होता है | मै आज आपको खूबसूरती की असली परिभाषा बतात हूँ खूबसूरत है वो लब…… जिन पर, दूसरों के लिए कोई दुआ आ जाए !! खूबसूरत है …………वो दिल, जो किसी के दुख मे शामिल हो जाए !! खूबसूरत है………. वो जज्बात, जो दूसरो की भावनाओं को…
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स्वयं विचार कीजिये :-
१- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी मौन होना सब से बेहतर है। २- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी सफेद रंग सब से बेहतर है। ३- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है। ४- पर्यटन के लिए रमणीक स्थल होते हुए भी…
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!! धन्यवाद्.!!
उन लोगो का जो मुझसे नफरत करते है क्यों की उन्होंने मुझे मजबुत बनाया…..!!… धन्यवाद् उन लोगो का जो मुझसे प्यार करते है क्यों की उन्होंने मेरा दिल बड़ा कर दिया……!! धन्यवाद् उन लोगो का जो मेरे लिए परेशान हुए….. और मुझे बताया की दरअसल वो मेरा बहुत ख्याल रखते है…!! धन्यवाद् उन लोगो का…
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ॐ के 11 शारीरिक लाभ :-
ॐ, ओउम् तीन अक्षरों से बना है :- अ उ म् । \”अ\” का अर्थ है उत्पन्न होना, \”उ\” का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास, \”म\” का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् \”ब्रह्मलीन\” हो जाना ।। ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है । ॐ का उच्चारण शारीरिक लाभ…

